Friday, December 11, 2009

एक देशभक्त ने रास्ट्र की स्वतंत्रता के लिए प्राण देने वालो के लिए अपने उदगार इस तरह प्रकट किए कि--शहीदों की चिताओं पैर हर वर्ष मेले लगते रहेंगे और जो वतन पर मर मिटे यही उनकी देश में निशानी होगी ,पर मुझे एसा लगता है की जब भारत स्वतंत्र हो गया तो देश वासी कुछ शहीदों को तो याद करते रहे लकिन कुछ को भूल गए
हम यहाँ एशे ही कुछ भूले हुए शहीदों को याद करेंगे .......मेरा साथ देना
एक क्रांतिकरी फांसी से पहले एक गीत गया था की .......देशवासियों जब जब आजादी का जश्म मानोगे हमें भी याद कर लेना

जरा याद करो इन्हे भी .......

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